- महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
- महाकाल की नगरी में विदेशी पक्षियों का डेरा, उज्जैन के तालाबों में दर्ज हुईं 67 पक्षी प्रजातियाँ
- Ujjain Latest News: हिंदू सम्मेलन के संदेश को लेकर तीनबत्ती चौराहा पर हुआ सांस्कृतिक आयोजन, मंथन स्टूडियो और उज्जैन लाइव ने किए 2 गीत लॉन्च!
- इंडस्ट्रियलाइजेशन के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री मोदी के सच्चे अनुयाई: अमित शाह
- नंदी हाल से गर्भगृह तक गूंजे मंत्र—महाकाल के अभिषेक, भस्मारती और श्रृंगार के पावन क्षणों को देखने उमड़े श्रद्धालु
30 घंटे से लगातार खुला है गंभीर डेम का एक गेट
उज्जैन:वर्षों बाद ऐसी स्थिति बनी कि गंभीर बांध के गेट एक मानसून सीजन में 10 से अधिक बार खोलने पड़े हों, जबकि पिछले 30 घंटों से गंभीर का एक गेट खुला है। अधिकारियों का कहना है कि जिले भर में लगातार हो रही बारिश के कारण ऐसी स्थिति बनी है। इधर रात में बारिश रुकने के बाद शिप्रा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हुआ, लेकिन सुबह 10 बजे से पुन: रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया।
जिले की औसत बारिश 36 इंच के आंकड़े को पार करते हुए इस मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा ३९ इंच को पार कर चुका है। पिछले तीन दिनों से लगी बारिश के झड़ी के कारण गंभीर बांध, शिप्रा नदी सहित सभी छोटे-बड़े तालाब लबालब हो चुके हैं। गंभीर बांध में तेजी से पानी की आवक होने के कारण सोमवार सुबह 6 बजे एक गेट को 1 मीटर खोला गया था जो 30 घंटे बीत जाने के बाद भी खुला रहा। अधिकारियों ने बताया कि बांध की क्षमता 2250 एमसीएफटी है, लेकिन फिलहाल 2100 एमसीएफटी पर मेंटेन करते हुए डेम के गेट खोले गये हैं।
कैचमेंट एरिया में बारिश रात में रुकी रही उसके बावजूद डेम में पानी की आवक जारी है। इधर सोमवार को झमाझम बारिश के बाद शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता गया और शाम तक छोटे पुल से 12 फीट ऊपर तक नदी में पानी बह रहा था। रात से बारिश थमने के बाद नदी का जलस्तर कम होना शुरू हुआ और सुबह छोटे पुल से 6 फीट ऊपर पानी बह रहा था। सुबह 10 बजे से शहर में एक बार फिर रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो चुका था।